| Article Title |
बाल साहित्य का वर्तमान परिदृश्य और डॉ. नागेश पाण्डेय ‘संजय’ का योगदान: एक साक्षात्कार-आधारित अध्ययन |
| Author(s) | बेबी शर्मा, प्रो. आलोक मिश्रा. |
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| Abstract | बाल साहित्य बच्चों की संवेदनाओं, कल्पनाशक्ति और बौद्धिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक समझ का भी वाहक है। वर्तमान युग में तकनीकी प्रगति, वैश्विक दृष्टिकोण और सामाजिक परिवर्तनों ने बाल साहित्य के स्वरूप और विषयों को प्रभावित किया है। समकालीन बाल साहित्य में शिक्षा, मनोरंजन, विज्ञान, पर्यावरण और नैतिकता जैसे तत्व बच्चों को बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। इस शोध का उद्देश्य समकालीन बाल साहित्य के परिदृश्य का विश्लेषण करना और डॉ. नागेश पाण्डेय ‘संजय’ के साहित्यिक योगदान को उजागर करना है। साक्षात्कार के माध्यम से उनके लेखन की रचनात्मक दृष्टि, भाषा और शैली, बालगीत एवं बालनाट्य में प्रयोग, तथा सामाजिक और नैतिक प्रभाव सामने आए। उनका साहित्य बच्चों में जिज्ञासा, सीखने की प्रवृत्ति, नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करता है। |
| Area | हिन्दी साहित्य |
| Issue | Volume 2, Issue 3 (July - September 2025) |
| Published | 17-09-2025 |
| How to Cite | शर्मा, बेबी, एवं मिश्रा, आलोक. (2025). बाल साहित्य का वर्तमान परिदृश्य और डॉ. नागेश पाण्डेय ‘संजय’ का योगदान: एक साक्षात्कार-आधारित अध्ययन. Shodh Sangam Patrika, 2(3), 82-88. |
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