| Paper Title | शाड्.र्गधर संहिता मध्यमखण्ड का समीक्षात्मक विवेचन |
| Author(s) | डॉ. राजाराम अग्रवाल, प्रो. (डॉ.) गोविन्द सहाय शुक्ला. |
| Country | India |
| Abstract | विश्व की भौतिक उपलब्धियों की आधारशिला निरन्तर अनुसंधान है, जिसमें वाङ्मयात्मक अनुसंधान का विशेष महत्व है। लघुत्रयी में शाङ्र्गधरसंहिता का समावेश किया जाता है। शाङ्र्गधरसंहिता के मध्यम खण्ड में सर्वप्रथम भैषज्य निर्माण प्रक्रिया से सम्बन्धित परिभाषा-प्रकरण सहित विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है। इसी कारणवश शाङ्र्गधरसंहिता भैषज्य कल्पना के आधार-स्तम्भ के रूप में प्रतिष्ठित है। इस लेख का मुख्य उद्देश्य मध्यम खण्ड में वर्णित दस अध्यायों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विवेचन करना तथा उनमें वर्णित विभिन्न कल्पनाओं के वैशिष्ट्य का प्रतिपादन करते हुए उनका समीक्षात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करना है। |
| Subject Area | आयुर्वेद |
| Issue | Volume 2, Issue 4 (October - December 2025) |
| Published | 2025/12/25 |
| How to Cite | राजाराम अग्रवाल एवं (डॉ.) गोविन्द सहाय शुक्ला (2025). शाड्.र्गधर संहिता मध्यमखण्ड का समीक्षात्मक विवेचन. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 103–112. |
| License |
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