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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

शाड्.र्गधर संहिता मध्यमखण्ड का समीक्षात्मक विवेचन

Author(s)डॉ. राजाराम अग्रवाल, प्रो. (डॉ.) गोविन्द सहाय शुक्ला.
CountryIndia
Abstract

विश्व की भौतिक उपलब्धियों की आधारशिला निरन्तर अनुसंधान है, जिसमें वाङ्मयात्मक अनुसंधान का विशेष महत्व है। लघुत्रयी में शाङ्र्गधरसंहिता का समावेश किया जाता है। शाङ्र्गधरसंहिता के मध्यम खण्ड में सर्वप्रथम भैषज्य निर्माण प्रक्रिया से सम्बन्धित परिभाषा-प्रकरण सहित विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है। इसी कारणवश शाङ्र्गधरसंहिता भैषज्य कल्पना के आधार-स्तम्भ के रूप में प्रतिष्ठित है। इस लेख का मुख्य उद्देश्य मध्यम खण्ड में वर्णित दस अध्यायों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विवेचन करना तथा उनमें वर्णित विभिन्न कल्पनाओं के वैशिष्ट्य का प्रतिपादन करते हुए उनका समीक्षात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

Subject Areaआयुर्वेद
Issue Volume 2, Issue 4 (October - December 2025)
Published2025/12/25
How to Cite राजाराम अग्रवाल एवं (डॉ.) गोविन्द सहाय शुक्ला (2025). शाड्.र्गधर संहिता मध्यमखण्ड का समीक्षात्मक विवेचन. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 103–112.
License
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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