Skip to main content

Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

अशोक के अभिलेखों में पर्यावरण चेतना के विविध आयाम

Author(s)ज्योति प्रकाश सरोज.
CountryIndia
Abstract

मौर्यकाल भारतीय इतिहास में केवल राजनीतिक एकीकरण का ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना के विकास का भी एक महत्त्वपूर्ण चरण रहा है। इस काल में प्रकृति, मानव और अन्य जीवों के बीच सामंजस्यपूर्ण सम्बन्ध की अवधारणा स्पष्ट रूप से उभरती है। सम्राट अशोक के अभिलेख इस पर्यावरणीय दृष्टि के सशक्त ऐतिहासिक प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। कलिंग युद्ध के पश्चात् अशोक द्वारा प्रतिपादित धम्म की नीति का मूल आधार अहिंसा, करुणा तथा सभी जीवों के प्रति सह-अस्तित्व की भावना रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव पर्यावरण संरक्षण पर पड़ा। अशोक के शिलालेखों एवं स्तम्भ लेखों में पशु-हत्या पर नियंत्रण, कुछ जीवों के वध पर प्रतिबन्ध, वृक्षारोपण, औषधीय वनस्पतियों का संरक्षण, मार्गों के किनारे छायादार वृक्षों की व्यवस्था तथा कुओं और जलाशयों के निर्माण जैसे उल्लेख मिलते हैं। ये व्यवस्थाएँ राज्य द्वारा संचालित पर्यावरणीय नीतियों को दर्शाती हैं। वन, जल तथा पशु-पक्षी संरक्षण के माध्यम से अशोक ने न केवल मानव कल्याण, बल्कि समस्त जीव-जगत की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि अशोक के अभिलेखों में निहित पर्यावरण चेतना प्राचीन भारत की उन्नत पर्यावरणीय सोच को प्रतिबिम्बित करती है, जो आज के वैश्विक पर्यावरण संकट के संदर्भ में भी अत्यन्त प्रासंगिक है।

Subject Areaइतिहास
Issue Volume 2, Issue 4 (October - December 2025)
Published2025/12/29
How to Cite ज्योति प्रकाश सरोज (2025). अशोक के अभिलेखों में पर्यावरण चेतना के विविध आयाम. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 152–156.
License
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

PDF View / Download PDF File