| Article Title |
राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका |
| Author(s) | डॉ. गुलाब सिंह यादव. |
| Country | India |
| Abstract | उन्नीसवीं शताब्दी से आरंभ होकर स्वतंत्रता आंदोलन तक हिन्दी पत्रकारिता ने भारतीय समाज में जन-जागरण, सामाजिक सुधार और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हिन्दी पत्रकारिता का आरंभ 1826 ई. में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन से माना जाता है, जिसने हिन्दी भाषा को समाचार और विचार की अभिव्यक्ति का माध्यम प्रदान किया। भारतेन्दु युग में पत्रकारिता ने सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को बल दिया, जबकि द्विवेदी युग में महावीर प्रसाद द्विवेदी के नेतृत्व में पत्रकारिता को वैचारिक अनुशासन और सामाजिक चेतना प्राप्त हुई। स्वतंत्रता आंदोलन के काल में महात्मा गांधी, गणेश शंकर विद्यार्थी, माखनलाल चतुर्वेदी तथा अन्य राष्ट्रवादी पत्रकारों ने अपने लेखन के माध्यम से जनता में स्वाधीनता, स्वदेशी और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया। ब्रिटिश शासन द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रेस कानूनों और दमनकारी नीतियों के बावजूद हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं ने राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार किया और जनता को स्वतंत्रता संघर्ष के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार हिन्दी पत्रकारिता ने राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में वैचारिक दिशा, नैतिक ऊर्जा और संगठनात्मक शक्ति प्रदान की तथा स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतः इस शोध के माध्यम से यह स्थापित करने का प्रयास किया गया है कि हिन्दी पत्रकारिता केवल सूचना का साधन नहीं थी, बल्कि वह राष्ट्रीय चेतना के निर्माण की आधारशिला और स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक धुरी थी। |
| Area | हिन्दी साहित्य |
| Issue | Volume 3, Issue 1 (January - March 2026) |
| Published | 2026/03/25 |
| How to Cite | यादव, गुलाब सिंह. (2026). राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका. Shodh Sangam Patrika, 3(1), 82-88. |
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