अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओ के संवैधानिक अधिकारों का अध्ययन

Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 1 (January - March 2026)
Article Title

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओ के संवैधानिक अधिकारों का अध्ययन

Author(s) डॉ मीना सेंगर.
Country
Abstract भारत में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएँ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ी हुई हैं। इन समुदायों की महिलाओं को जातिगत भेदभाव, लैंगिक असमानता और आर्थिक विपन्नता का सामना करना पड़ता है। भारतीय संविधान ने इन समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिनमें अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 21, 23, 24, 39, 46 और 243क् शामिल हैं। यह शोध पत्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का विश्लेषण करता है और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए किए गए कानूनी प्रयासों की समीक्षा करता है। इसके अलावा, यह पत्र इन अधिकारों के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के लिए सुझाव प्रस्तुत करता है।
Area राजनीति विज्ञान
Issue Volume 2, Issue 1 (January - March 2025)
Published 27-03-2025
How to Cite सेंगर, डॉ मीना. (2025). अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओ के संवैधानिक अधिकारों का अध्ययन. Shodh Sangam Patrika, 2(1), 59-62.

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