एकभाषी से बहु‌भाषी समाज की यात्रा : प्रवासी भारतीयों की भूमिका

Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 1 (January - March 2026)
Article Title

एकभाषी से बहु‌भाषी समाज की यात्रा : प्रवासी भारतीयों की भूमिका

Author(s) कु. आशा मद्धेशिया, डॉ. पूनम सिंह.
Country
Abstract प्रवासी साहित्य एवं भाषा के संदर्भ में सामाजिक-भाषाविदों ने बताया है कि समय परिवर्तनशील होने के कारण भाषा में अनिवार्य रूप से परिवर्तन होंगे। दूसरी तरफ, समकालीन समूदायों के द्वारा प्रत्यक्ष शिक्षण के साथ- साथ इंटरनेट के माध्यम से अभिनव शिक्षण कार्यक्रमों को अपनाकर पैतृक भाषा के उपयोग को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। एकभाषी से बहुभाषी समाज की यात्रा में बॉलीवुड की वैश्विक पहुँच भी एक महत्वपूर्ण कारक है जिस पर विचार किया जाना चाहिए क्योंकि यह एक भाषा के रूप में हिंदी से परिचित होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Area हिन्दी साहित्य
Issue Volume 2, Issue 2 (April - June 2025)
Published 30-06-2025
How to Cite मद्धेशिया, कु. आशा, एवं सिंह, पूनम. (2025). एकभाषी से बहु‌भाषी समाज की यात्रा : प्रवासी भारतीयों की भूमिका. Shodh Sangam Patrika, 2(2), 142-146.

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