| Article Title |
बंगाल में धार्मिक सामाजिक अनुष्ठानों में मृण पात्रों व उत्पादों का पारंपरिक महत्व |
| Author(s) | डॉ. अर्चना दास. |
| Country | India |
| Abstract | प्रस्तुत लेख में बंगाल में (हिंदू धर्म में) धार्मिक-सामाजिक अनुष्ठानों में उपयोग किये जाने वाले मिट्टी के पात्रों और अन्य उत्पादों के निर्माण के माध्यम से हम प्राचीन भारतीय दर्शन और धार्मिक मान्यताओं का विश्लेषण करेंगे। मृण पात्रों के आकारों की अभूतपूर्व संकल्पना और इन्हें निर्मित करने की विभिन्न तकनीकें हमें सिंधु घाटी से प्राप्त होती हैं जो उत्तरोत्तर वैदिक काल से होते हुए समग्र प्राचीन भारतीय इतिहास (गुप्त काल तक) आरोपित होती हैं। लेख में लोक परम्पराओं पर आधारित उन टेरा कोटा (पकी हुई मिट्टी) निर्मित पात्रों और अन्य शुभ माने जाने वाले उत्पादों का परिचय प्रस्तुत किया गया है, जिनका उपयोग प्रचलित रूप से जन सामान्य के मध्य होता है। इसके अतिरिक्त ये उत्पाद हस्तशिल्प की श्रेणी में भी गणमान्य होते हैं तथा वर्तमान समय में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्वीकार्य हैं। |
| Area | ललित कला |
| Issue | Volume 2, Issue 4 (October - December 2025) |
| Published | 2025/11/05 |
| How to Cite | दास, अर्चना. (2025). बंगाल में धार्मिक सामाजिक अनुष्ठानों में मृण पात्रों व उत्पादों का पारंपरिक महत्व. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 21-27. |
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