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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

महात्मा गांधी की पत्रकारिता के प्रतिमान और प्रासंगिकता: ऐतिहासिक अध्ययन

Author(s)डॉ. मुकेश कुमार.
CountryIndia
Abstract

महात्मा गांधी शब्दों की शक्ति में दृढ़ विश्वास रखते थे और पत्रकारिता का एकमात्र उद्देश्य सेवा को मानते थे. वे पत्रकारिता के माध्यम से देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के पक्षधर थे. उनका ध्येय पत्रकारिता के माध्यम से संपूर्ण समाज को जोड़ना था. महात्मा गांधी ने पत्रकारिता को विशिष्ट स्वरूप दिया. इन्होने नैतिक आचार संहिता की रचना करके भारतीय पत्रकारिता को युग सापेक्ष बनाकर मूलभूत प्रतिमानों और मूल्यों से जोड़कर मानवीय और नैतिक बनाने का प्रयास किया. परंतु, क्या वर्तमान भारतीय पत्रकारिता महात्मा गांधी के नैतिक आचार संहिता के नियमों का पालन कर रही है? महात्मा गांधी ने इंडियन ओपेनियन, नवजीवन, हरिजन, यंग इंडिया के माध्यम से जिस “पत्रकारिता दर्शन” को विकसित किया था वह समकालीन दौर में किस तरह मीडिया/प्रेस को प्रभावित कर रहा है इसका विश्लेषण उदाहरणों द्वारा इस शोध पत्र में किया गया है. इस शोध पत्र में ऐतिहासिक शोध प्रविधि का प्रयोग किया गया है. इसमें प्राथमिक और द्वितीयक सोतों की सहायता ली गई है. शोध पत्र का सैद्धांतिक आधार एजेंडा सेटिंग सिद्धांत है. बीज शब्द : गांधी की पत्रकारिता और प्रतिमान, इंडियन ओपेनियन, नवजीवन, हरिजन, यंग इंडिया.

Subject Areaपत्रकारिता
Issue Volume 2, Issue 4 (October - December 2025)
Published2025/11/13
How to Cite मुकेश कुमार (2025). महात्मा गांधी की पत्रकारिता के प्रतिमान और प्रासंगिकता: ऐतिहासिक अध्ययन. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 42–49.
License
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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