| Article Title |
राजीव कुमार ‘त्रिगर्ती’ की कविता में सामाजिक सरोकार |
| Author(s) | मुकेश कुमार. |
| Country | India |
| Abstract | राजीव कुमार ‘त्रिगर्ती’ का जन्म हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिला के बैजनाथ के निकट जण्डपुर गाँव में सन् 1975 ई. को हुआ है। राजीव कुमार ‘त्रिगर्ती’ के अभी तक तीन कविता-संग्रह प्रकाशित है, जिनके नाम है− गूलर का फूल (2008), ज़मीन पर होने की ख़ुशी (2020) और प्रेम में होना (2024)। कविता आत्मालाप नहीं, बल्कि सामाजिक-संलाप है। कविता के लिए अनुभूति आवश्यक होती है, इसलिए कविता संवेग तत्त्व से निर्मित होती है, न की सैद्धांतिक परिमाप पर आधारित होती है। कविता का लक्ष्य ही सामाजिक सरोकार से निर्मित होता है और सरोकार की सामाजिकता से अंतर्निहित होता है। राजीव कुमार ‘त्रिगर्ती’ की कविता की संवेदना का मूलाधार समय-संवाद और सामाजिक-सरोकार है। सरोकार की सामाजिकता मूलतः ग्रामीण एवं लोक पक्षवादी संवेग से संपृक्त है, जहाँ प्रेम, प्रकृति, पर्यावरण और पारिस्थितिकी का क्षरित मूल्य विद्यमान है। राजीव कुमार ‘त्रिगर्ती’ हिमाचल का सबसे अधिक अवप्राक्कलन कवि हैं, इसलिए इनकी कविता की संवेदना का संप्रेषण बोध शोधित-समवेक्षित नहीं है। |
| Area | हिन्दी साहित्य |
| Issue | Volume 2, Issue 4 (October - December 2025) |
| Published | 2025/12/05 |
| How to Cite | कुमार, मुकेश. (2025). राजीव कुमार ‘त्रिगर्ती’ की कविता में सामाजिक सरोकार. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 73-81. |
View / Download PDF File