कथाकार अखिलेश की चर्चित कहानियों में स्त्री संवेदना:एक विश्लेषण

Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 1 (January - March 2026)
Article Title

कथाकार अखिलेश की चर्चित कहानियों में स्त्री संवेदना:एक विश्लेषण

Author(s) सिद्धार्थ सिंह.
Country India
Abstract समकालीन हिंदी साहित्य के क्षेत्र में कथाकार अखिलेश अत्यंत प्रमुखता के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। वर्तमान समाज की विडंबनात्मक स्थिति एवं मानवीय संवेदना का चित्रण उन्होंने अत्यंत प्रमुखता से अपने साहित्य में किया है। उनकी कहानियाँ अत्यंत गहरे स्तर पर वर्तमान मनुष्य की मन:स्थिति का विश्लेषण करती हैं। स्त्री सदैव से अपनी अस्मिता और पहचान के लिए संघर्ष करती रही है। अखिलेश की कहानियों की स्त्रियाँ भी इससे अलग नहीं हैं। इनकी कहानियों की स्त्रियाँ जीवन और आत्मविश्वास से परिपूर्ण अपनी अस्मिता को लेकर संघर्ष करती दिखाई देती हैं। अखिलेश की कहानियों की स्त्रियाँ पितृसत्तात्मक समाज के मानदंडों के बीच अपने अस्तित्व, अस्मिता और अधिकारों के लिए संघर्ष करती दिखाई देती हैं। अखिलेश स्त्री को सहानुभूति का पात्र ना बनाकर उसे साधारण मनुष्य के रूप में समाज एवं परम्परागत बंधनों से जूझता हुआ दिखाते हैं। यह शोध पत्र अखिलेश की कहानियों अंधेरा, अगली शताब्दी के प्यार का रिहर्सल, शापग्रस्त, श्रृंखला, जलडमरूमध्य, हाकिम कथा,, यक्षगान जैसी कहानियों का विवेचन करता है। इस शोध पत्र का उद्देश्य अखिलेश की कहानियों में निहित स्त्री के सामाजिक,मानसिक संघर्ष व उसकी संवेदना का विश्लेषण करना है।
Area हिन्दी साहित्य
Issue Volume 2, Issue 4 (October - December 2025)
Published 2025/12/29
How to Cite सिंह, सिद्धार्थ. (2025). कथाकार अखिलेश की चर्चित कहानियों में स्त्री संवेदना:एक विश्लेषण. Shodh Sangam Patrika, 2(4), 91-95.

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