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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 4 (October - December 2026)
Paper Title

कर्मठ हिंदी सेवी: श्री बाल शौरी रेड्डी का दक्षिण भारत में हिन्दी के प्रसार और प्रचार में योगदान

Author(s)
डॉ. एस. प्रीति
हिंदी विभाग फैकल्टी ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड बिजनेस स्टडीज एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉटानकोलेथूर -603203 दूरभाष-8939934141
मनोज कुमार
राजकीय महाविधालय सोलन
CountryIndia
Abstract

शोध सार -दक्षिण में हिंदी प्रचार का बीड़ा महात्मा गांधी ने उठाया था। उनके आह्वान पर जो व्यक्ति उनके साथ जुड़े उनमें बालशौरि रेड्डी का नाम बहुत महत्वपूर्ण है । उन जैसे निष्ठावानऔर समर्पित हिंदी लेखकों की साधना के कारण ही दक्षिण के किसी भी कोने में चले जायें तो राजनीतिक वाद- विवाद के रहते हुए भी, किसी को हिंदी में बात करने में कोई विशेष कठिनाई नहीं होती ।एक उच्च कोटि के कथाकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य की अन्य विधाओं में भी अपने प्रतिभा का प्रचुर प्रयोग किया है जिसमें उन्हें पूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। 'चंदामामा' के हिंदी संस्करण के संपादक के रूप में उनकी लोकप्रियता आबाल- वृद्ध ,नर नारियों में रही। एक विशिष्ट हिंदी-सेवी और लेखक के रूप में देश की जनता में उनका जो सर्वत समादर हुआ है, वह भी कम महत्वपूर्ण नहीं। उनकी कृतियां जहां अनेक हिंदी संस्थाओं और प्रतिष्ठानों के द्वारा पुरष्कृत एवं सम्मानित हुई है, वहां देश के कई विश्वविद्यालयों में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर सर्वांगीण शोध और अनुसंधान हो रहा है।

Keywordsकर्मठ, हिंदी सेवी, गांधीजी, चंदामामा, मानवता, नैतिकता।
Subject Areaहिन्दी साहित्य
Issue Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Published2026/09/30
How to Cite एस. प्रीति, & मनोज कुमार (2026). कर्मठ हिंदी सेवी: श्री बाल शौरी रेड्डी का दक्षिण भारत में हिन्दी के प्रसार और प्रचार में योगदान. Shodh Sangam Patrika, 3(3), 147–152.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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