एक राष्ट्र, एक चुनाव: भारत में लोकतांत्रिक सुधार की संभावनाएँ, चुनौतियाँ और नीतिगत दृष्टिकोण

Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 1 (January - March 2026)
Article Title

एक राष्ट्र, एक चुनाव: भारत में लोकतांत्रिक सुधार की संभावनाएँ, चुनौतियाँ और नीतिगत दृष्टिकोण

Author(s) महेंद्र पाल.
Country
Abstract "एक राष्ट्र, एक चुनाव" की अवधारणा भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में एक क्रांतिकारी सुधार के रूप में उभरी है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करना है। यह विचार बार-बार होने वाले चुनावों की आर्थिक, प्रशासनिक, और सामाजिक लागत को कम करने का प्रयास करता है। यह शोध पत्र इस अवधारणा के ऐतिहासिक संदर्भ, संभावित लाभ, कार्यान्वयन की चुनौतियों, और भारत की जटिल सामाजिक-राजनीतिक संरचना पर इसके प्रभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसके अतिरिक्त, यह पत्र अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में इस प्रणाली की तुलना करता है और भारत में इसके कार्यान्वयन के लिए व्यावहारिक नीतिगत सुझाव प्रदान करता है। निष्कर्ष में, यह तर्क दिया गया है कि यद्यपि यह अवधारणा सैद्धांतिक रूप से आकर्षक है, इसके सफल कार्यान्वयन के लिए व्यापक संवैधानिक संशोधन, राजनीतिक सहमति, और तकनीकी तैयारी आवश्यक होगी।
Area राजनीति विज्ञान
Issue Volume 2, Issue 2 (April - June 2025)
Published 16-06-2025
How to Cite पाल, महेंद्र. (2025). एक राष्ट्र, एक चुनाव: भारत में लोकतांत्रिक सुधार की संभावनाएँ, चुनौतियाँ और नीतिगत दृष्टिकोण. Shodh Sangam Patrika, 2(2), 64-73.

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