छऊ शिल्प: धार्मिक अनुष्ठान और कलात्मक नवाचार की सहयात्रा

Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Paper - Volume - 3 Issue - 1 (January - March 2026)
Article Title

छऊ शिल्प: धार्मिक अनुष्ठान और कलात्मक नवाचार की सहयात्रा

Author(s) श्री सत्यजीत विश्वास, डॉ. लवनीश शर्मा.
Country
Abstract छऊ, भारत के पूर्वी क्षेत्रों विशेषतः पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओड़िशा से उत्पन्न एक पारंपरिक भारतीय नृत्य रूप है, जिसमें जीवंत रंगों और बारीकी से निर्मित मुखौटों का प्रयोग कर सांस्कृतिक आख्यानों, पौराणिक कथाओं और स्थानीय लोककथाओं को प्रस्तुत किया जाता है। यह शोध-पत्र छऊ मुखौटों में प्रयुक्त रंगों और डिजाइनों के प्रतीकात्मक महत्व का अध्ययन करता है, और यह दर्शाता है कि किस प्रकार ये मुखौटे अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवाहन में सहायक होते हैं। नृवंशविज्ञानात्मक (ethnographic) और व्याख्यात्मक (interpretative) दृष्टिकोण से किया गया यह अध्ययन यह उजागर करता है कि छऊ मुखौटे केवल सौंदर्य की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे सामुदायिक पहचान, आध्यात्मिक अभिव्यक्ति और लोककथात्मक संवाद के सशक्त माध्यम भी हैं।
Area ललित कला
Issue Volume 2, Issue 2 (April - June 2025)
Published 23-06-2025
How to Cite विश्वास, सत्यजीत, एवं शर्मा, लवनीश. (2025). छऊ शिल्प: धार्मिक अनुष्ठान और कलात्मक नवाचार की सहयात्रा. Shodh Sangam Patrika, 2(2), 98-106.

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