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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

श्रीमंत शंकरदेव के भक्ति पदों और हिंदी संत काव्य (कबीर एवं तुलसीदास) में दार्शनिक समानताएँ : एक तुलनात्मक अध्ययन

Author(s)डॉ. उत्पल सैकिया.
CountryIndia
Abstract

भारतीय भक्ति आंदोलन जो मध्यकाल में देश के विभिन्न भू-भागों में लगभग समानांतर रूप से प्रस्फुटित हुआ अपनी क्षेत्रीय भाषिक तथा सांप्रदायिक विविधताओं के बावजूद कुछ गहन दार्शनिक एवं सामाजिक समानताएँ साझा करता है। असम में श्रीमंत शंकरदेव (सन् १४४९-सन् १५६८) द्वारा प्रवर्तित एकशरण नाम-धर्म तथा हिंदी भाषी क्षेत्र में संत कबीर (लगभग सन् १४४०-सन् १५१८) एवं गोस्वामी तुलसीदास (लगभग सन् १५३२-सन् १६२३) की काव्य-परंपराएँ, यद्यपि भिन्न भाषिक माध्यमों ब्रजावली-असमिया, सधुक्कड़ी हिंदी, तथा अवधी) में रचित हैं। भक्ति को मोक्ष के प्रधान मार्ग के रूप में प्रतिष्ठित करने गुरु-महिमा नाम-स्मरण की केंद्रीयता तथा भाषिक लोकतंत्रीकरण की दृष्टि से उल्लेखनीय समानताएँ प्रदर्शित करती हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र गुणात्मक तुलनात्मक पाठ-विश्लेषण पद्धति के माध्यम से शंकरदेव के बरगीत एवं कीर्तन-घोषा के चयनित पदों की तुलना कबीर के दोहों साखियों तथा तुलसीदास के रामचरितमानस के चयनित अंशों से करता है। विश्लेषण चार प्रमुख दार्शनिक आयामों पर केंद्रित है निर्गुण-सगुण द्वंद्व एवं एकशरण की अवधारणा, नाम-स्मरण की केंद्रीयता जाति वर्ण व्यवस्था तथा सामाजिक समानता के प्रति दृष्टिकोण तथा लोकभाषा में रचना के माध्यम से भक्ति के लोकतंत्रीकरण की प्रवृत्ति। निष्कर्ष यह इंगित करते हैं कि यद्यपि शंकरदेव तथा तुलसीदास दोनों सगुण भक्ति-परंपरा से संबद्ध हैं जबकि कबीर निर्गुण परंपरा के प्रतिनिधि माने जाते हैं । तीनों संत कवियों में एकनिष्ठ भक्ति (एकशरणता), गुरु-आश्रय, तथा भक्ति-मार्ग की सार्वभौमिक सुलभता के सिद्धांत में गहन साम्य विद्यमान है, जो मध्यकालीन भारतीय भक्ति-चेतना की अंतर्निहित एकता को प्रकट करता है।

Keywordsश्रीमंत शंकरदेव, एकशरण नाम-धर्म, कबीर,तुलसीदास, भक्ति आंदोलन, निर्गुण-सगुण , तुलनात्मक साहित्य
Subject Areaहिन्दी साहित्य
Issue Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Published2026/09/15
How to Cite उत्पल सैकिया (2026). श्रीमंत शंकरदेव के भक्ति पदों और हिंदी संत काव्य (कबीर एवं तुलसीदास) में दार्शनिक समानताएँ : एक तुलनात्मक अध्ययन. Shodh Sangam Patrika, 3(3), 92–98.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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