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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

हिंदी दलित कहानियों में मानवाधिकार और सामाजिक संघर्ष : एक पुनर्व्याख्या

Author(s)संग्राम सिंह निराला, डॉ. बलजीत कौर.
CountryIndia
Abstract

यह शोध-पत्र समकालीन हिंदी दलित कहानी में अंतर्निहित सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और प्रतिरोध की चेतना का विस्तृत समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह स्पष्ट करता है कि दलित साहित्य केवल निष्क्रिय रुदन या सहानुभूति का साधन नहीं, बल्कि शोषितों की मानवीय गरिमा और अधिकारों की पुनर्प्राप्ति का मुखर वैचारिक आंदोलन है। डॉ. अंबेडकर के 'सामाजिक लोकतंत्र' दर्शन पर आधारित यह कथा-साहित्य मुख्यधारा की आदर्शवादी न्याय-संकल्पनाओं को खारिज कर भोगे हुए यथार्थ को बेबाकी से सामने लाता है। शोध में ओमप्रकाश वाल्मीकि, मोहनदास नैमिशराय और सूरजपाल चौहान के माध्यम से प्रमाणित किया गया है कि यह साहित्य सामंती क्रूरता, आर्थिक वंचना और पुलिस-प्रशासन के पतन के विरुद्ध समानांतर 'जन-अदालत' की भूमिका निभा रहा है। आलेख दलित स्त्री-विमर्श की उन जटिलताओं को भी रेखांकित करता है, जहाँ स्त्री जातिवाद और पितृसत्ता के 'दोहरे अभिशाप' से लड़ते हुए अपने भौतिक अस्तित्व एवं अधिकारों के लिए अग्रिम मोर्चे पर खड़ी है। भाषाई स्तर पर यह अध्ययन 'भाषाई मानवाधिकार' की स्थापना करते हुए बताता है कि कुलीन एकाधिकार को तोड़कर ठेठ देशज शब्दों का प्रयोग भाषाई दरिद्रता नहीं, बल्कि शोषक समाज का नग्न यथार्थ है। समग्रतः यह शोध-पत्र हिंदी दलित कहानी को केवल रचनात्मक प्रवृत्ति न मानकर, हाशिए के समाज को जुबान देने वाले स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक एवं मानवाधिकार आंदोलन के रूप में स्थापित करता है।

Keywords​मानवाधिकार, सामाजिक न्याय, ​प्रतिरोध की चेतना, सामाजिक लोकतंत्र, ​दलित स्त्री-विमर्श, ​भाषाई मानवाधिकार, ​हाशिए का समाज, ​सामंती व्यवस्था, ​भोगे हुए यथार्थ
Subject Areaहिन्दी साहित्य
Issue Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Published2026/08/07
How to Cite संग्राम सिंह निराला एवं बलजीत कौर (2026). हिंदी दलित कहानियों में मानवाधिकार और सामाजिक संघर्ष : एक पुनर्व्याख्या. Shodh Sangam Patrika, 3(3), 14–20.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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