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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

समकालीन हिन्दी साहित्य में महात्मा गाँधी के असहयोग आन्दोलन का प्रभाव व चित्रण

Author(s)डॉ. दीपा पाण्डे, डॉ. पंकज प्रियदर्शी.
CountryIndia
Abstract

1920 से 1942 तक भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए महात्मा गॉधी ने तीन प्रमुख आन्दोलन चलाए, जिसमें 1920-22 असहयोग आन्दोलन, 1930-32 सविनय अवज्ञा आन्दोलन, 1942 भारत छोड़ो आन्दोलन। असहयोग आन्दोलन को गति प्रदान करने में साहित्यकारों , पत्रकारो की विशेष भुमिका रही। आजादी प्राप्त करने के लिए राजनैतिक आन्दोलन के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, महिलाओं की सामाजिक स्थिति व आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए भी आन्दोलन चलाया जा रहा था। इन सबके व्यापक प्रचार में साहित्यकारों का विशेष योगदान रहा है। साहित्यकारों की लेखनी के जादू का प्रभाव असहयोग आन्दोलन पर स्पष्ट दिखाई देता है। भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के नायक स्वयं साहित्यकार व पत्रकार भी थे, अतः उनकी भूमिका और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई थी। प्रस्तुत शोधपत्र में इन्ही समस्त बिन्दुओं पर चर्चा की गई हैं। साहित्य समाज का दर्पण है। किसी भी देश की राजनीतिक गतिविधियों का प्रभाव वहाँ के साहित्य पर भी पड़ता है। साहित्यकार ही वो शक्ति है, जो सामाजिक चेतना जगा कर जनता को राजनीतिक आन्दोलन छेड़ने के लिए तैयार करता है। समाज को जागरूक करने में बुद्धिजीवी वर्ग की एक विशेष भूमिका होती है। साहित्यकार अपनी लेखनी के जादू से जनमानस के दिलो-दिमाग को झकझोर कर रख देते हैं । व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। छोटी-छोटी सामाजिक घटनाओं को साहित्य का विषय बनाकर उसे निबन्ध, कहानी, कविता, नाटक व उपन्यास के रूप में जनता के समक्ष लाते हैं । भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए महात्मा गाँधी जी ने तीन प्रमुख आन्दोलनों का संचालन किया। इनमें जिसमें 1920-22 असहयोग आन्दोलन, 1930-32 सविनय अवज्ञा आन्दोलन, 1942 भारत छोड़ो आन्दोलन मुख्य हैं। इन तीनों आन्दोलनों का प्रभाव हिन्दी पत्रकारिता व समकालीन साहित्य पर स्पष्ट दिखाई देता है।

Keywordsअसहयोग आन्दोलन, साहित्यकार, सत्य-अहिंसा, महिलाएँ, रचनात्मक कार्य, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वदेशी प्रचार।
Subject Areaइतिहास
Issue Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Published2026/09/15
How to Cite दीपा पाण्डे एवं पंकज प्रियदर्शी (2026). समकालीन हिन्दी साहित्य में महात्मा गाँधी के असहयोग आन्दोलन का प्रभाव व चित्रण. Shodh Sangam Patrika, 3(3), 76–84.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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