| Paper Title | हिमाचल प्रदेश के मडी जनपद के सराज क्षेत्र की संस्कृति का साहित्यिक अध्ययन |
| Author(s) | कुशाल सिंह. |
| Country | India |
| Abstract | शोध सारांश हिमाचल प्रदेश में लोक साहित्य और लोक संस्कृति काफी समृद्ध है | हिमाचल को देवभूमि कहा जाता है | यंहां की संस्कृति में देव परपरा , लोक भाषा और धार्मिक परम्परा की अपनी विशिष्ट पहचान मिलती है | यहाँ की लोक व् देव संस्कृति में धार्मिक आस्था और सामाजिक संबंधों की अपनी विशिष्ट पहचान है | हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का सराज क्षेत्र अपनी लोक परम्परा तथा सामाजिक जीवन के कारण अपनी विशिष्ट पह्चान रखता है | सराज की लोक संस्कृति सामाजिक संबंधों तथा धार्मिक आस्था की भावना का जीवंत दस्तावेज है | सराज की लोक संस्कृति में लोक गीत ,लोक जीवन की संवेदनायों ,सामाजिक संबंधों , प्रकृति , प्रेम ,देव आस्था और सामाजिक जीवन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है | सराज की लोक संस्कृति लोक साहित्य और लोक जीवन की सामूहिक चेतना को समृद्ध बनाती है | यह शोधपत्र हिंदी साहित्य में लोकबोध तथा स्थानीय ज्ञान परंपराओं की भूमिका का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। हिंदी साहित्य ने लोकसाहित्य को अभिव्यक्ति देकर स्थानीय ज्ञान को संरक्षित और संप्रेषित करने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। यह अध्ययन प्रतिपादित करता है कि लोकबोध साहित्य को सामाजिक यथार्थ से जोड़ता है तथा समकालीन विमर्श को मानवीय और जनोन्मुख बनाता है। प्रस्तुत शोध पत्र में मंडी जनपद के सराज क्षेत्र के लोक साहित्य के सांस्कृतिक और धार्मिक स्वरूप की विशेषताओं तथा वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता का अध्ययन किया गया है। |
| Keywords | लोक संस्कृति, सराज, मंडी, हिमाचल प्रदेश, लोकगीत, लोक साहित्य, लोक नाटियाँ, धरोहर। |
| Subject Area | हिन्दी साहित्य |
| Issue | Volume 3, Issue 2 (April - June 2026) |
| Published | 2026/06/25 |
| How to Cite | कुशाल सिंह (2026). हिमाचल प्रदेश के मडी जनपद के सराज क्षेत्र की संस्कृति का साहित्यिक अध्ययन. Shodh Sangam Patrika, 3(2), 84–89. |
| License |
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