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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

शिवपुराण में वर्णित प्रभु स्मरण के भक्ति सिद्धांत का अनुशीलन

Author(s)रोहिणी शर्मा, डॉ. पाडुर् सुब्रमण्‍य शास्‍त्रीगल.
CountryIndia
Abstract

भारतीय वाङ्मय में शिवपुराण केवल एक पौराणिक ग्रन्थ न होकर शैव-दर्शन, भक्तिशास्त्र तथा तत्त्वज्ञान का महान् समुच्चय है। प्रस्तुत शोध-पत्र में शिवपुराण के अंतर्गत प्रतिपादित प्रभु स्मरण तथा उससे संबद्ध भक्ति सिद्धांतों का समालोचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। शिवपुराण की विद्येश्वर संहिता, रुद्र संहिता तथा वायवीय संहिता के विशेष संदर्भ में, यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि शिवपुराण में श्रवण, कीर्तन और स्‍मरण को त्रिधा-साधन के रूप में स्वीकार किया गया है, जिसमें स्मरणको चित्त-शुद्धि तथा आत्म-साक्षात्कार का केंद्रीय बिंदु माना गया है। यह पत्र नाम-स्मरण, रूप-ध्यान, पंचाक्षर मंत्र के जपात्मक स्मरण तथा अद्वैत-भक्ति के अंतर्संबंधों की व्याख्या करता है। आधुनिक युग में मानसी-व्याकुलता एवं मानसिक अशांति के शमन हेतु इस भक्ति सिद्धांत की प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया गया है।

Keywordsशिवपुराण, भक्ति सिद्धांत, प्रभु स्मरण, पंचाक्षर मंत्र, त्रिधा-साधन, विद्येश्वर संहिता, शैवदर्शन
Subject Areaसंस्कृत
Issue Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Published2026/08/26
How to Cite रोहिणी शर्मा एवं पाडुर् सुब्रमण्‍य शास्‍त्रीगल (2026). शिवपुराण में वर्णित प्रभु स्मरण के भक्ति सिद्धांत का अनुशीलन. Shodh Sangam Patrika, 3(3), 43–48.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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