| Paper Title | चारुचंद्र चंदोला के काव्य में वर्णित मानवेत्तर चेतन जगत का सौंदर्य वर्णन |
| Author(s) | डॉ. सुमिता. |
| Country | India |
| Abstract | उत्तराखंड के प्रसिद्ध साहित्यकार व पत्रकार चारुचंद्र चंदोला ने अपनी साहित्य यात्रा में अनेक काव्यों का सृजन किया तथा सभी काव्यों में आंचलिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक परिवेश को प्रमुखता से उजागर किया है। चारुचंद्र जी का बाल्यकाल पर्वतीय परिवेश में व्यतीत होने के कारण उनके मानस व हृदय पर पहाड़ के प्रतिबिंब की झलक स्पष्टतः दृष्टिगत होती है। सौंदर्य के मानवीय व प्राकृतिक अनेक पक्षों का चारु जी ने अत्यंत सूक्ष्मता से विवेचन किया है। समय व परिस्थितियों का वास्तविक अंकन पर आधारित सौंदर्य चारु जी ने निरूपित किया है। कवि अपने विचारों को अत्यंत स्पष्टता, बेबाकी व कटाक्ष के साथ-साथ व्यंग्यात्मक रूप से व्यक्त करते थे। प्रस्तुत शोध पत्र में चारुचंद्र चंदोला के काव्य में वर्णित मानवेत्तर चेतन जगत के सौंदर्य पर प्रकाश डाला गया है। |
| Subject Area | हिन्दी साहित्य |
| Issue | Volume 3, Issue 2 (April - June 2026) |
| Published | 2026/05/23 |
| How to Cite | सुमिता (2026). चारुचंद्र चंदोला के काव्य में वर्णित मानवेत्तर चेतन जगत का सौंदर्य वर्णन. Shodh Sangam Patrika, 3(2), 20–25. |
| License |
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a
Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0). |
View / Download PDF File