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Shodh Sangam Patrika

Shodh Sangam

Patrika

A National Peer-Reviewed & Refereed Quarterly Journal

  ISSN: 3049-0707 (Online)
ISSN: 3049-172X (Print)

Call For Papers - Volume 3, Issue 3 (July - September 2026)
Paper Title

उच्च शिक्षा में जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग: महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के संदर्भ में एक समीक्षात्मक अध्ययन

Author(s)डॉ. आशुतोष.
CountryIndia
Abstract

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र विकास ने उच्च शिक्षा की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, शोध, मूल्यांकन और शैक्षणिक प्रशासन के स्वरूप में उल्लेखनीय परिवर्तन उत्पन्न किए हैं। विशेष रूप से जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों ने अध्ययन सामग्री के निर्माण, असाइनमेंट लेखन, शोध-विषय निर्धारण, भाषा-संशोधन, अनुवाद, प्रस्तुतीकरण, प्रोग्रामिंग तथा वैयक्तिकृत अधिगम जैसी गतिविधियों को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया है। महाविद्यालयीन विद्यार्थी इन उपकरणों का उपयोग जटिल अवधारणाओं को समझने, त्वरित प्रतिपुष्टि प्राप्त करने, अध्ययन सामग्री तैयार करने और शोध-संबंधी प्रारम्भिक सहायता के लिए कर रहे हैं। इसके साथ ही इनके बढ़ते उपयोग ने शैक्षणिक ईमानदारी, मौलिकता, साहित्यिक चोरी, आलोचनात्मक चिंतन, तथ्यात्मक विश्वसनीयता, डेटा गोपनीयता, एल्गोरिद्मिक पक्षपात और नैतिक उत्तरदायित्व जैसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न भी उत्पन्न किए हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के संदर्भ में जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षणिक उपयोग, सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों, नैतिक चुनौतियों तथा उत्तरदायी उपयोग की आवश्यकता का समीक्षात्मक विश्लेषण करना है। यह अध्ययन गुणात्मक, वर्णनात्मक एवं समीक्षात्मक शोध-पद्धति पर आधारित है। इसमें वर्ष 2020 से 2026 के मध्य प्रकाशित शोध-पत्रों, संदर्भ-पुस्तकों, सरकारी दस्तावेजों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, यूनेस्को के दिशा-निर्देशों तथा अन्य विश्वसनीय शैक्षणिक स्रोतों का विषयवस्तु विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि जनरेटिव AI विद्यार्थियों की अधिगम दक्षता, डिजिटल साक्षरता, शोध क्षमता, समस्या-समाधान कौशल और उत्पादकता को सुदृढ़ कर सकती है। तथापि इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट संस्थागत नीतियों, AI साक्षरता, शिक्षक प्रशिक्षण, तथ्य-सत्यापन, डेटा सुरक्षा, शैक्षणिक ईमानदारी तथा मानवीय विवेक पर आधारित संतुलित शिक्षण दृष्टिकोण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

Keywordsजनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उच्च शिक्षा, महाविद्यालयीन विद्यार्थी, AI साक्षरता, वैयक्तिकृत अधिगम, शैक्षणिक ईमानदारी, डिजिटल शिक्षा, नैतिकता।
Subject Areaसमाजशास्त्र
Issue Volume 3, Issue 2 (April - June 2026)
Published2026/06/30
How to Cite आशुतोष (2026). उच्च शिक्षा में जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग: महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के संदर्भ में एक समीक्षात्मक अध्ययन. Shodh Sangam Patrika, 3(2), 167–177.
License
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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